सेल्टों को जर्मनी का प्रारंभिक नागरिक माना जाता है। इसके पश्चात् द्वितीय शताब्दी ई.पू. में जर्मन जनजातियों ने यहाँ बसना शुरु किया। चौथी व पांचवीं शताब्दी ई. में रोमन साम्राज्य पर जर्मन निवासियों ने कई आक्रमण किए। इनमें से एक जनजाति फ्रैंक ने चार्ले मैग्ने के नेतृत्व में पश्चिमी यूरोप में अपना प्रभुत्व स्थापित किया। 843 ई. में बेरहुन की संधि से राइन के पूर्व की भूमि को चार्ले मैग्ने ने जर्मन प्रिंस लुईस को प्रदान कर दी।
14वीं शताब्दी तक पवित्र रोमन साम्राज्य का आशय जर्मन साम्राज्य से ही था, जहाँ के प्रिंस पवित्र रोमन सम्राट को चुनते थे। 1438 में हैम्सबर्ग के अल्बर्ट सम्राट ने और 1806 तक पवित्र रोमन साम्राज्य पर इसी वंश का शासन रहा।
इसी बीच प्रसिया एक शक्तिशाली राज्य के रूप में उभर रहा था। सिलेसिया के मुद्दे पर फ्रेडरिक महान (1740-1786 ई) ने प्रसिया की सेना को संगठित करके ऑस्ट्रिया की मारिया थेरेसा को पराजित किया। वाटरलू की लड़ाई (1816 ई.) में नेपोलियन की पराजय के पश्चात् जर्मनी में प्रभुत्व के लिए ऑस्ट्रिया और प्रसिया के मध्य रस्साकसी चलती रही जिसकी परिणति ऑस्ट्रिया (1866) की पराजय में हुई और उत्तर जर्मन परिसंघ (1867) की स्थापना की गई। इस जर्मन एकता के सूत्रधार प्रसिया के प्रधानमंत्री ओट्टो वॉन बिस्मार्क थे। उन्होंने डेनमार्क, ऑस्ट्रिया और फ्रांस के खिलाफ युद्ध छेड़कर सम्पूर्ण जर्मनी को एकता के सूत्र में बांधा। 18 जनवरी, 1871 को प्रसिया के सम्राट विल्हेल्म प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया। शक्तिशाली सेना, कुशल नौकरशाही और निष्ठïावान मध्यम वर्ग की सहायता से बिस्मार्क ने एक शक्तिशाली केंद्रीकृत जर्मनी के निर्माण में सफलता प्राप्त की।
1890 में सम्राट विल्हेल्म ने बिस्मार्क को अपदस्थ कर दिया और उपनिवेशवाद की नीति अपनाते हुए शक्तिशाली नौसेना की स्थापना की। प्रथम विश्वयुद्ध में जर्मनी की जबर्दस्त पराजय हुई (1914-1918)। युद्ध के पश्चात सम्राट कैसर ने नीदरलैण्ड में शरण ली। ऐसी स्थिति में फ्रेडरिक इबर्ट और फिलिप शीडमान के नेतृत्व में सोशल डेमोक्रेट्स ने 'वेयमार रिपब्लिकÓ की स्थापना की। प्रथम विश्वयुद्ध का सर्वाधिक दुष्परिणाम जर्मनी को झेलना पड़ा। वर्साय की संधि से उसकी सेना समाप्त कर दी गई और उस पर भारी जुर्माना ठोका गया।
ऐसे में एडोल्फ हिटलर का उदय हुआ। 30 जनवरी, 1933 को राष्टï्रपति वॉन हिंडनबर्ग ने हिटलर को चांसलर नियुक्त कर दिया। 2 अगस्त, 1934 को राष्टरपति हिंडनबर्ग की मृत्यु हो गई। हिटलर ने वर्साय की संधि का परित्याग करते हुए जर्मनी का सैन्यीकरण जोर-शोर से शुरू कर दिया। 1935 में उसने जर्मनी को 'लीग ऑफ नेशन्स' से बाहर निकाल लिया और राइनलैंड पर कब्जा कर लिया। इसी के साथ उसने जापान और इटली से रिश्ते भी मजबूत किए। मार्च 1938 में जर्मनी ने ऑस्ट्रिया पर कब्जा कर लिया। 1 सितम्बर, 1939 को पोलैण्ड पर जर्मनी के हमले से द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत हुई।
द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी को आरंभ में शानदार सफलताएं मिलीं, किंतु बाद में उसे जबर्दस्त पराजय का सामना करना पड़ा। 8 मई, 1945 को जर्मनी ने मित्र राष्टरों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिटलर के आदेश पर लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या की गई। युद्ध की समाप्ति के बाद मित्र राष्टरों ने बॢलन कांफ्रेंस के द्वारा जर्मनी को चार भागों में बाँट दिया। सं.रा. अमेरिका व सोवियत संघ के मध्य जर्मनी को लेकर तीखे मतभेद उभरे। 31 मई, 1948 को सं.रा. अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस इत्यादि ने तीन पश्चिमी क्षेत्रों को आपस में मिलाकर एक जर्मन राज्य स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।
23 मई, 1949 को सोवियत हिस्से वाले जर्मनी को फेडरल रिपब्लिक ऑफ जर्मनी घोषित करके बोन को उसकी राजधानी बनाया गया। वहाँ सोवियत यूनिटी (कम्युनिस्ट पार्टी) के नेतृत्व में एक दलीय शासन व्यवस्था की स्थापना की गई। 7 अक्टूबर, 1949 को एक केंद्रीकृत संविधान को अपनाया गया।
दोनों जर्मन देशों के मध्य अविश्वास की खाई उस समय और गहरा गई जब 1961 में पूर्वी जर्मनी ने बर्लिन दीवार का निर्माण कराया। ऐसी परिस्थितियों में पश्चिमी जर्मनी अमेरिका व यूरोपीय देशों के और करीब आ गया।
1982 में क्रिश्चियन डेमोक्रेट पार्टी के हेलमुट कोल पश्चिमी जर्मनी के नए चांसलर चुने गए। इनके शासनकाल के दौरान पश्चिमी जर्मनी ने आॢथक विकास की नई बुलंदियाँ छुईं। 1989 में पूर्वी जर्मनी में कम्युनिस्ट पार्टी का पतन हो गया। 9 नवम्बर, 1989 को बॢलन दीवार तोड़ दी गई। जुलाई, 1990 में सोवियत राष्टï्रपति मिखाइल गोर्बाचोव द्वारा नर्म रुख अपनाने के बाद दोनों जर्मन राष्टï्रों के एकीकरण का रास्ता प्रशस्त हो गया। 3 अक्टूबर 1990 को पूर्वी जर्मनी का पश्चिमी जर्मनी में एकीकरण हो गया।
27 सितम्बर, 1998 को एक महत्वपूर्ण चुनाव में सोशल डेमोक्रेट पार्टी के गेरहार्ड श्रोएडर ने हेलमुट कोल के 16 वर्षीय शासन का अंत कर दिया। 1999 में जर्मनी ने कोसोवो युद्ध में नाटो का साथ दिया। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह पहली बार था जब जर्मन सेना ने किसी युद्ध में भाग लिया। 8 सितम्बर 2005 को हुए आम चुनाव में गेरहार्ड श्रोएडर की सोशल डेमोक्रेट पार्टी पराजित हुई और सीडीयू/सीएसयू की एंजेला मर्केल ने गठबंधन सरकार का गठन किया