केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने नागर विमानन मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर नई दिल्ली में 21 मार्च 2012 को हस्ताक्षर किए. भारत में आने वाले पर्यटकों की संख्या में प्रभावी बढ़ोत्तरी के उद्देश्य से दोनों मंत्रालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इस समझौता ज्ञापन पर पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय और नागर विमानन मंत्री अजित सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए.
इस समझौता ज्ञापन का लक्ष्य हवाई अड्डों और विमानों में पर्यटन के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए काम करना है. यह समझौता ज्ञापन नागर विमानन के माध्यम का प्रयोग कर अतुल्य भारत ब्रांड का प्रचार करने का काम करेगा, ताकि देश और विदेश में पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के साझा उद्देश्य की पूर्ति की जा सके.
समझौता ज्ञापन के अनुसार भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण विभिन्न हवाई अड्डों पर पर्यटन मंत्रालय के अतुल्य भारत ब्रांडिंग अभियान के लिए न्यूनतम दरों पर स्थान उपलब्ध कराएगा. यह व्यवस्था उन हवाई अड्डों पर भी होगी, जहां यह काम निजी एजेंसियों को आउट र्सोस किया जा चुका है. नए निजी हवाई अड्डों के मामलों में इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उनसे हुए करार में एक संशोधन उपबंध जोड़ा जाएगा. पर्यटन मंत्रालय से परामर्श के बाद ये ब्रांडिंग स्थान आगमन हॉल, लगेजबेल्ट के नजदीकी स्थानों और प्रस्थान हॉल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विभिन्न आकारों में उपलब्ध कराए जाएंगे. इस बात को प्राथमिकता दी जाएगी कि बड़े हॉल में 30’ X 7’ का कम से कम एक स्थान जरूर उपलब्ध कराया जाए.
समझौता ज्ञापन के अनुसार भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण विभिन्न हवाई अड्डों पर पर्यटन मंत्रालय के अतुल्य भारत ब्रांडिंग अभियान के लिए न्यूनतम दरों पर स्थान उपलब्ध कराएगा. यह व्यवस्था उन हवाई अड्डों पर भी होगी, जहां यह काम निजी एजेंसियों को आउट र्सोस किया जा चुका है. नए निजी हवाई अड्डों के मामलों में इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उनसे हुए करार में एक संशोधन उपबंध जोड़ा जाएगा. पर्यटन मंत्रालय से परामर्श के बाद ये ब्रांडिंग स्थान आगमन हॉल, लगेजबेल्ट के नजदीकी स्थानों और प्रस्थान हॉल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विभिन्न आकारों में उपलब्ध कराए जाएंगे. इस बात को प्राथमिकता दी जाएगी कि बड़े हॉल में 30’ X 7’ का कम से कम एक स्थान जरूर उपलब्ध कराया जाए.
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