मेघवाल
मेघ, मेघवाल या मेघवार, (उर्दू:میگھواڑ, सिंधी:ميگھواڙ) लोग मुख्य रूप से उत्तर पश्चिम भारत में रहते हैं और कुछ आबादी पाकिस्तान में है. सन् 2008 में, उनकी कुल जनसंख्या अनुमानतः 2,807,000 थी, जिनमें से 2760000 भारत में रहते थे. इनमें से वे 659000 मारवाड़ी, 663000 हिंदी, 230000डोगरी, 175000 पंजाबी और विभिन्न अन्य क्षेत्रीय भाषाएँ बोलते हैं. एक अनुसूचित जाति के रूप में इनका पारंपरिक व्यवसाय बुनाई रहा है. अधिकांश हिंदू धर्म से हैं, ऋषि मेघ, कबीर, रामदेवजी और बंकर माताजी उनके प्रमुख आराध्य हैं. मेघवंश को राजऋषि वृत्र या मेघ ऋषि से उत्पन्न जाना जाता है।
पौराणिक संकेत
भारतीय पौराणिक कथाओं में राजऋषि वृत्र धार्मिक प्रमुख था और वह सप्त सिंधु क्षेत्र का राजा भी था. समस्त भारत पर शासन करने वाले नागवंशियों का वह पूर्वज था. नागवंशी अपने व्यवहार, शैली, योग्यता और उनकी गुणवत्ता में ईश्वरीय गुणों के लिए जाने जाते थे. वास्तुकला के वे विशेषज्ञ थे. वे नाग या अजगर की पूजा करते थे. मेघवालों को हिरण्यकश्यप, प्रह्लाद, हिरण्याक्ष, विरोचन, राजा महाबली (मावेली), बाण आदि के साथ भी जोड़ा जाता है.
भौगोलिक वितरण
मेघवाल’ मारवाड़, राजस्थान से हैं. 1981 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में मेघ, मेघवाल, मेंघवार के रूप में अधिसूचित लोगों की संयुक्त जनसंख्या 889,300 थी.वे पश्चिमी गुजरात में (पाकिस्तान सीमा के पास) और भारत के अन्य भागों जैसे महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा में रहते हैं. ‘मेघ’ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से हैं,और उन्हें मेघ, आर्य मेघ और भगत के नाम से जाना जाता है. कुछ स्थानों पर वे गणेशिया, मेघवंशी, मिहाग, राखेसर, राखिया, रिखिया, रिषिया और अन्य नामों से भी जाने जाते हैं. कुछ महाशा भी यह दावा करते हैं कि वे मेघों से संबंधित हैं.सन् 1947 में भारत के विभाजन के बाद मेघ, जो हिंदू धर्म में धर्मान्तरित हो गए थे, वे भारतीय क्षेत्र में पलायन कर गए. उनमें से अधिकांश सियालकोट से आ कर पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में उनके लिए स्थापित शिविरों में आ बसे. पाकिस्तान में शब्द मेघवाल के स्थान पर मेघवार प्रयोग किया जाता है. सन् 1991 में पंजाब (भारत) में मेघों की जनसंख्या 105157 होने का अनुमान थासन् 2000 में पाकिस्तान में लगभग 226600 मेघवार रहते थे जो मुख्यतः उत्तर-पूर्व पंजाब के दादू और नवाबशाह शहरों में, और सिंध में अधिकतर बदीन, मीरपुर खास, थारपरकर, और उमेरकोट जिलों में बसे थे.
प्रमुख लोग
- फकिर भाइ वाघेला ०३ बार गुजरात के सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री बने।जो अभि भि सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री हे।
- मिल्खी राम भगत पंजाब राज्य के सभी अनुसूचित जातियों के बीच पहले थे जिन्हें पंजाब सिविल सेवा (पीसीएस) के पहले बैच में चयनित किया गया. उन्होंने मजिस्ट्रेट और अन्य प्रशासनिक पदों पर कार्य किया और हंसराज, आईएएस और मास्टर दौलतराम के साथ मिल कर मेघों को अनुसूचित जाति में शामिल कराने के लिए काम किया.[45]
- सुश्री सुमन भगत जम्मू-कश्मीर सरकार में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री के स्तर तक पहुँचीं.[46]
- चूनी लाल भगत पहले मेघ थे जो पंजाब विधान सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा.
- सुश्री स्नेह लता कुमार भगत पंजाब के मेघों में से पहली महिला हैं जो सीधे आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी बनीं. वे तब प्रकाश में आईं जब उन्होंने चेन्नई में अखिल भारतीय सिविल सेवा प्रतियोगिता के दौरान तैराकी स्पर्धाओं में दो रजत पदक जीते.
- सुश्री विमला भगत पहली मेघ थीं जिन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत किया गया. वे हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष बनी.
- स्वतंत्रता सेनानी श्री धनपत राय कल्ला कालेरा बास चूरू में पैदा हुए जो एक मेघवाल थे
- भंवर लाल मेघवाल राजस्थान के शिक्षा मंत्री बने.
- सुरेंदर वलसई मेघवार एक प्रसिद्ध पत्रकार और मीडिया प्रकोष्ठ, बिलावल हाउस, पाकिस्तान के मीडिया समन्वयक हैं. वे पाकिस्तान में मेघवार समुदाय के भीतर सबसे प्रमुख और प्रभावशाली व्यक्ति हैं. वे शिड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान के संस्थापक अध्यक्ष हैं.
- मांगी लाल को विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार (1998) और श्रम श्री पुरस्कार (2003) मिला.
- प्रो. राजकुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भगत महासभा ने भारत में मेघों की एकता के लिए बहुत कार्य किया है. उन्होंने पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, राजस्थान आदि में भगत महासभा की राज्य इकाइयों को स्थापित किया है. वे मेघों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए सामाजिक नेटवर्किंग चला रहे हैं.
- प्राधानाध्यापक सियाराम तालेपा, भीम राव अम्बेडकर समाज कल्याण संघ अध्यक्ष, मेडता तहसील, नागोर, राजस्थान।
- राजस्थान की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती मंजू मेघवाल बनी.(2012 )
- कृष्ण बारूपाल मेघवाल राजस्थान शिक्षक संघ अम्बेडकर के प्रदेश उपाध्यक्ष बने
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